बुधवार की अष्टमी – Budhwar Ki Ashtami

बुधवार की अष्टमी कब आती है तथा इस दिन का वार स्वाभाविक रूप से बुधवार ही रहता है। यदि आप वर्ष 2025 में बुधवार की अष्टमी के महत्व, सटीक तारीखों तथा इससे जुड़े हिंदू त्योहारों व कैलेंडर की विस्तृत जानकारियां प्राप्त करना चाहते हैं, तो इस लेख को पूरा अवश्य पढ़ें क्योंकि यहां सभी तिथियों की सूची, पूजा विधि एवं आवश्यक विवरण प्रदान किए गए हैं।

बुधवार की अष्टमी

२०२६ में हिंदू पंचांग के अनुसार बुधवार को पड़ने वाली अष्टमी तिथियां मुख्य रूप से तीन हैं, जो विशेष रूप से मां दुर्गा की पूजा के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। पहली २५ फरवरी २०२६, बुधवार को फाल्गुन शुक्ल अष्टमी है, जिसे मासिक दुर्गाष्टमी के रूप में मनाया जाता है और इस दिन मां दुर्गा की आराधना से सुख-समृद्धि एवं सुरक्षा की प्राप्ति होती है। दूसरी ८ जुलाई २०२६, बुधवार को आषाढ़ कृष्ण अष्टमी है, जो सामान्य मासिक अष्टमी व्रत के रूप में जानी जाती है तथा भगवान शिव या दुर्गा की पूजा के लिए शुभ है। तीसरी १८ नवंबर २०२६, बुधवार को मार्गशीर्ष शुक्ल अष्टमी है, जिसे गोपाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है और इस दिन गौ माता एवं भगवान कृष्ण की विशेष पूजा की जाती है, जो कृषि एवं पशुधन की रक्षा के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है। इनके अलावा वर्ष में अन्य अष्टमी तिथियां बुधवार को नहीं पड़ रही हैं; कृपया ध्यान दें कि सटीक समय, उदया तिथि एवं व्रत नियम आपके स्थानीय पंचांग या विद्वान ज्योतिषी से सत्यापित कर लें, क्योंकि क्षेत्रीय अंतर से थोड़ा भिन्नता हो सकती है।

बुधवार अष्टमी कब है?

फरवरी महीने में 25 तारीख को है.

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